यह है जम्मू कश्मीर में 1000 अतिरिक्त जवान भेजे जाने की असली वजह
जब से भारत के गृह मंत्री का पद अमित शाह ने संभाला है तब से लेकर यह कयास लगाए जाने शुरू कर दिए गए थे कि जम्मू कश्मीर में लागू धारा 370 और अनुच्छेद 35a पर किसी न किसी प्रकार का परिवर्तन किया जा सकता है। इसको लेकर कश्मीर की पार्टियां उसी समय से सक्रिय हो गई थीं। कुछ दिनों पहले भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर में 10000 अतिरिक्त जवान तैनात करने का फैसला किया। जिसके बाद लगातार जम्मू कश्मीर की लोकल पार्टियों के अंदर हलचल सी मच गई थी। जम्मू कश्मीर की सभी पार्टियों ने एक बैठक कर यह निर्णय ले लिया था कि यदि केंद्र सरकार किसी प्रकार से अनुच्छेद 370 या अनुच्छेद 35a छेड़छाड़ का प्रयास करती है तो स्थानी पार्टियां उनका विरोध करेगी। मगर अब अमित शाह द्वारा अतिरिक्त जवान तैनात करने के लिए गए इस फैसले की असली वजह सामने आई है।
आतंकवादी हमले की आशंका
दरअसल कुछ समय पहले ही भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल जम्मू कश्मीर की यात्रा पर गए थे। वहां पर उन्होंने कुछ दिन बताएं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के जम्मू कश्मीर के दौरे से वापस आने के बाद यह सूचना दी गई कि पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकी जम्मू कश्मीर में बहुत बड़ा हमला करने की तैयारी में हैं। इस सूचना के मिलते ही गृह मंत्रालय ने फौरन कदम उठाते हुए जम्मू कश्मीर में 10000 अतिरिक्त जवान की तैनाती करने का निर्णय लिया। यही वजह है कि गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर में अतिरिक्त जवान भेज जाने का निर्णय लिया।
महबूबा मुफ्ती ने दिया विवादित बयान
जम्मू कश्मीर की पीडीपी पार्टी की प्रमुख और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद एक रैली के दौरान कहा था कि यदि केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने का प्रयास करती है तो केंद्र सरकार यह समझ ले कि उसने बारूद को हाथ लगा दिया है। उनके इस बयान के बाद उनकी काफी आलोचना भी हो रही है। कुछ लोग उन्हें गद्दार भी बोल रहे हैं।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



